From a lost letter

कड़वाहट की मीठी ख़ुशबू मोहब्बत के अफ़साने कुछ धीरे से गर्माते दिन में मिल जाएँ अनजाने कुछ ये ख़याल मिरे तुम लेते जाओ आधे हैं पैमाने कुछ शाम हुए जल उठते हैं जब आते जुगनू और परवाने कुछ अधूरी बातें, ख़्वाब मुकम्मल धुँधले कुछ, पहचाने कुछ बातें करते सन्नाटों में रिश्तों के ताने-बाने कुछ कुछ…

सीलन or سيلن

आज क़िताब के पन्ने उन्गलियों को नम लगे, शायद बीती शाम वह रोया होगा । उस की आँखों की नमी कैसे मीलों दूर आ जाती है कैसी अजीब-ओ-ग़रीब ताल-मेल है, उसकी आँखों का, मेरे शहर के आसमान से ! वह सोएगा तो शायद रात भी आ ही जाएगी । آج کتاب کے پنے انگلیوں کو…