To an Ocean

I picked a few empty shellsalong your shore.Empty homes of your childrennow long gone;Echoing you, the breeze, andtheir conversations with the sand.I wear them around my neck,at a home away from you;Little kisses, a sunset, and loverest on my bones.

लफ़्ज़ों के बाहिर Or لفظوں کے باہر

सोचा कि तुम्हें कभी लफ़्ज़ों के बाहिर भी ला कर देखूँ, लफ़्ज़ों की भीतर, तुम बे-उम्र से हो गए हो जैसे। वक़्त का, मौसमों का, कोई असर दिखता ही नहीं तुम्हारे चहरे पर । क्या कोई टोना-तंतर है लफ़्ज़ों में ? न तुम्हारे बाल ही ज़्यादा सुफ़ैद हुए, न आँखों से शरारत गुम हुई –…